Thursday, July 5, 2012

सारस बाल केंद्र में लोकार्पण समारोह

सारस बाल केंद्र में लोकार्पण समारोह 

 समाज के उपेक्षित बच्चों के लिए "सारस बाल केंद्र" की शुरुआत, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, अमर नगर खिरनी  में की गयी थी। इस केंद्र में जयपुर के सांसद श्री महेश जोशी ने सांसद कोष से एक हॉल  का निर्माण केंद्र की गतिविधियों के सञ्चालन हेतु करवाया .गया, जिसका लोकापर्ण 29 ,अप्रैल 2012 को बाल भवन जयपुर के स्थापना दिवस पर किया गया। समारोह में सारस बाल केंद्र के बच्चों ने संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत .किये 

EARTH DAY Celebration - "Maati Utsav"

प्रथ्वी दिवस पर बाल भवन जयपुर द्वारा तीन दिवसीय माटी उत्सव का आयोजन 20 से 22 अप्रैल, 2012 को .  गया।
तीन दिवसीय माटी उत्सव की अनौपचारिक शुरुआत करते हुए बाल भवन जयपुर की निदेशक श्रीमती चरण जीत ढिल्लों ने बच्चों को धरती माँ के माटी रूप के बारे में जानकारी देते हुए विभिन्न प्रकार की मिट्टियों से परिचित करवाया गया।. उत्सव में गंगा तट की मिट्टी, रेगिस्तान की मिटटी, काली मिटटी, लाल मिटटी, के साथ स्थानीय मिटटी की प्रदर्शनी द्वारा मिटटी के महत्व को समझाया गया। 

उत्सव के प्रथम दिन बच्चों ने मिटटी से विभिन्न रूपों को उकेर कर धरती को संरक्षित करने की अपील की। बच्चों ने माटी के प्रति अपनी कोमल भावनाओं को ,शेषनाग पर प्रथ्वी को उठाये, चिड़िया, कछुआ, मगरमच्छ, गावं का दरश्य व पेड़ों को उकेर कर अभिव्यक्त किया।

उत्सव के दुसरे दिन पोस्टर मेंकिंग कार्यशाला की शुरुआत करते हुए रिटायर प्रोफेसर डॉक्टर हरिश्चंद्र भारतीय ने बच्चों को पेड़ों को संरक्षित करने की अपील करते हुए "पेड़ का विकास मानव के बिना संभव हे लेकिन मानव का विकास पेड़ों के बिना संभव नही हो सकता हें।"

Wednesday, July 4, 2012

Holi Fesitval - पारम्परिक रंगों का त्यौहार होली

पारम्परिक रंगों का त्यौहार होली सारस बाल केंद्र के बच्चों के साथ 6 मार्च को सादगी से मनाई गयी।. बच्चों को होली से जुडी पौराणिक कहानिया बताई गयी और पानी को बचने की पहल करते हुए तिलक होली खेलने का संकल्प बच्चों को दिलाई गयी।. 

BOOKS READING SESSION - "बोलती किताबे बुलाती किताबें"

सारस बाल केंद्र में पुस्तकालय सत्र में "बोलती किताबे बुलाती किताबें" कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमे केंद्र के बच्चों ने बाल भवन जयपुर द्वारा संचालित मोबाईल लायब्ररी की पुस्तकों से रूबरू हुए।. 


इस दौरान बच्चों से कहानियों पर आधारित प्रश्नोतरी एवं चित्रांकन प्रतियोगिता हुई जिसमे उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बच्चों को उपहार देकर उत्साह्वेर्धन किया गया।.

SCIENCE PARK VISIT


बाल भवन जयपुर एवं सम्बद्ध गोडावण  एवं सारसा बाल केन्द्रों के बच्चों को 26 फरवरी, 2012 को विज्ञानं एवं प्रौद्यगिकी विभाग द्वारा संचालित SCIENCE PARK की गतिविधियों से अवगत करवाया गया. यहाँ बच्चों ने विज्ञानं के विभिन्न मोडल्स के माध्यम से विज्ञानं को समझा।. यहाँ बच्चों को डायनासोर ने सबसे ज्यादा आकर्षित किया।.

Ravindra Rachana Utsav - Jawahar Kala Kendra

भारतीय मनीषा के सच्चे उदघोषक, महान कवि कथाकार, उपन्यासकार, संगीतकार, चित्रकार, गुरुदेव रविंद्रनाथ टेगोर की स्मृति में जवाहर कला केंद्र में 6 फरवरी को आयोजित "चारुलता की नृत्य नाटिका" का बाल भवन जयपुर के बच्चों ने देखा.

Jawahar Kala Kendra Visit

बाल भवन जयपुर के बच्चों को चित्रों की दुनिया से रूबरू करवाने के लिए 6 फ़रवरी , 2012 को जयपुर के प्रसिद कला स्थल जवाहर कला केंद्र का भ्रमण करवाया गया. बच्चों ने यहाँ युवा कलाकारों द्वारा लगाई गई चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर कलाकाओं से चित्रों में छिपी मूल भावना को समझा।.

Republic Day Celebration - गणतंत्र दिवस

65वा गणतंत्र दिवस बाल भवन जयपुर परिसर में धूमधाम से मनाया गया। बच्चों ने राष्ट्रीय धवज तिरंगे का धव्जरोहन कर गणतंत्र के मूल उद्धेश्यों को जाना।. इस अवसर पर बाल भवन जयपुर के  volunteer श्री आबिद ने बच्चों को बाल अधिकारों की  दी. उत्सव में सारस बाल केंद्र व गोडावण  बाल केंद्र के बच्चों ने रचनात्मक खेलों में भाग लिया।.

Wednesday, January 25, 2012

Creative Sports Day - क्रियेटिव स्पोर्ट्स डे


क्रिएटिव स्पोर्ट्स डे
बाल भवन जयपुर द्वारा संचालित नेहरु नगर स्थित गोडावन बाल केंद्र में 22 जनवरी, 2012 को क्रियेटिव स्पोर्ट्स डे का आयोजन किया गया जिसमे हास्य व्यंग्य से भरपूर क्रियेटिव स्पोर्ट्स में बच्चों ने जोश और उल्लास के साथ भाग लिया
रविवारिये विशेष प्रोग्राम के तहत आयोजित स्पोर्ट्स में जल संरक्षण के महत्व को समझाते वॉटर रेस, माइंड गेम "पंजल", शैक रेस, संघठन में शक्ति को रेखांकित करते "स्टेप बाई स्टेप", डोज बाल के साथ म्यूजिकल चेयर में बच्चों ने अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया विजेता बच्चों को उपहार देकर सम्मानित किया

Kite Festival - पंतग उत्सव


पंतग उत्सव (Kite Festival) के माध्यम से दिया पर्यावरण का सन्देश
बाल भवन जयपुर परिसर में पंतग उत्सव 15 जनवरी, 2012 रविवार को मनाया गया, जिसमे बच्चों ने पंतग बाजी का लुफ्त उठाते हुए, "मंजे से पंतग बाजी करना पशु पक्षियों के जीवन के लिए कैसे खतरा बनता जा रहा हे," को रेखांकित करते हुए सददा से पंतग उड़ाने के लिए प्रेरित किया।
उत्सव में बाल भवन जयपुर से सम्बद्ध गोडावण एवं सारस बाल केंद्र के साथ कच्ची बस्तियों में रहने वाले बच्चों ने पंतग बाजी के महत्व को समझते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे बाल भवन जयपुर द्वारा नियुक्त "Ambassador or Earth & Water Ambassador" ने पंतगों पर "जय हरियाली जय खुशियाली" संलोगन लिख कर पर्यावरण संरक्षण का सन्देश दिया।

Thursday, January 5, 2012

New Year - 2012 Celebration


नववर्ष उत्सव-2012
बाल भवन जयपुर परिसर में नववर्ष उत्सव 1 जनवरी धूमधाम से मनाया गया। उत्सव में बाल भवन जयपुर के वौलूंटर एवं यंग टीम लीडर के साथ बाल भवन व सारस बाल केंद्र के बच्चों के साथ मनाया। इस अवसर पर हास्य एवं रोमांचित कर देने वाले रचनात्मक खेल खेले गये। गर्मागर्म पकोड़े बनाये और तिल के लड्डुओं के स्वाद का आनंद लिया।

Young Environmentlist Confrece (पर्यावरण मैत्री मेला)




पर्यावरण मैत्री मेला - 2011
(Three Days Residential Environment Camp-2011)
(26 to 28 December, 2011)
विषय - "हमारी नदियाँ"
"पर्यावरण संरक्षण करने के संकल्प के साथ मैत्री मेला आयोजित हुआ"
"हमारी नदियाँ और पर्यावरण पर प्रभाव" विषय पर आधारित रचनात्मक खेलों, प्रक्रति भ्रमण से बच्चों ने नदियों के सवरूप, वर्तमान में उनकी दशा और दिशा, पर्यावरण पर इनका प्रभाव के साथ इनकों कैसे संरक्षित किया जाए? हम बच्चें अपने स्तर पर इसको रोकने के लिए क्या कर सकते हे। तीन दिवसीय पर्यावरण मैत्री मेला में इनके संरक्षण के साथ संपन्न हुआ।
प्रथम दिन प्रथम सत्र में पर्यावरण मैत्री मेला का अनोपचारिक शुभारम्भ बाल भवन जयपुर के वरिष्ट सदस्यों ने किया। इस अवसर पर निदेशक श्रीमती चरण जीत ढिल्लों ने बच्चों को नदियों के होने और न होने से पर्यावरण पर होने वाले नुकसानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से अपील कि की वे धरादुत बनकर सरकार का इस और विशेस ध्यान दिलाने कि आवश्यकता बताई और इसमें मिडिया को भी महत्वपूर्ण घटक बताया।
द्वितीय सत्र में बच्चों ने "खजाने कि खोज", पर्यावरण कि विस्तृत जानकारी देते रचनात्मक खेलों को खेलते हुए करनी थी। जिसमे बच्चों को छ: खेलों को खेलते हुए, जिताटने पर मिली पहली से अपने खजाने तक पहुचना था।
सायकालीन सत्र में खगोलविद और बी एम् तारामंडल के उप निदेशक श्री संदीप भट्टाचार्य ने बच्चों को फिल्म के माध्यम से और फिर खुले आकाश में टेलिस्कोप कि सहायता से आकाशिए ग्रहों तथा तारों के बारे में जाकारी दी।
दुसरे दिन बच्चों को झालाना पार्क ले जाया गया जहा बच्चों ने प्राकृतिक वातावरण में सवछंद विचरण करते पशु पक्षियों के कलरव संसार को देखा। वन विभाग के एसीएफ श्री देवेन्द्र भारद्वाज ने यहाँ विचरण करते जंगली जीवों, पेड़ पौधों और विलुप्त होने के कारणों में उनकी प्रक्रति और ये पर्यावरण को संतुलित कैसे रखते हे, कि जानकारी दी। प्रक्रति भ्रमण पर आधारित प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में बच्चों ने सही जवाब देकर इनाम प्राप्त किये।
रात को कैम्प फायर में बच्चों ने जमकर अपने नए मित्रों के साथ डांस किया।
तीसरे एवं अंतिम दिन मैत्री मेले में बच्चों ने अपनी टीम के साथ मिलकर अपने छुपे खजाने में मिले विषय पर कागज के छोटे टुकड़ों के माध्यम से सन्देश देते कोलाज बनाये और फिर स्टेज पर इन संदेशों को नाटकीय रूपों में मानचित किया।
समापन अवसर पर बाल भवन जयपुर के अध्यक्ष पूर्व आई ए एस श्री रणवीर सिंह कुमत ने उल्लेखनीय प्रधार्शन करने वाले बाल वैज्ञानिकों और प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
  • प्रतिभागी बच्चों में से 10 बच्चों को धरादुत नियुक्त क्या गया।
  • पूर्व के धरादुतों में, उन धारादुतों को सम्मानित किया गया जिन्होंने उल्लेखानिये कार्य किये।

6th Bal Sena Trophy-2011 (2nd Round) - Basket Ball & Kho-Kho Tournaments




6 ठी बाल सेना ट्राफी-2011 (द्वितीय चरण)
खो-खो एवं बास्केट बाल टूर्नामेंट्स का आयोजन
बाल भवन जयपुर द्वारा आयोजित 6 ठी बाल सेना ट्राफी के दूसरा चरण में सब जूनियर एवं जूनियर (अंडर-13 & 16 आयुवर्ग) बास्केट बाल व खो-खो टूर्नामेंट्स 22 से 24 नवम्बर तक बालभवन परिसर में संपन्न हुए जिसमे बालक एवं बालिका वर्ग के उभरते हुए खिलाडियों ने अपनी खेल क्षमता का परिचय दिया।
बाल भवन जयपुर की निदेशक श्रीमती चरण जीत ढिल्लों ने बाल सेना ट्राफी के बारे में जानकारी देते हुए बताया की भारतीय सेना, राजस्थान पुलिस अकादमी एवं संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल हॉस्पिटल के सहयोग से पिछले ६ सालों से आयोजित की जाती रही हे...
खो-खो की टूर्नामेंट में 18 एवं बास्केट बाल की 30 टीमों के 460 से अधिक खिलाडियों ने भाग लिया। सभी विजेता उप विजेता टीमों को राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव श्री अनिल वैश्य, प्रसिद बास्केट बाल के ओलम्पिक खिलाडी श्री बलदेव सिंह जी मेडल एवं ट्राफी देकर उभरते खिलाडियों का उत्साहवर्धन कर खेलों में आगे बदने के लिए प्रेरित किया।

Children Theatre Festival "ULLAAS-2011"



बाल नाट्य उत्सव "उल्लास" आयोजित
बाल भवन जयपुर में बाल दिवस के अवसर पर 14 नवम्बर, 2011 को बाल नाट्य उत्सव "उल्लास" में बच्चों ने शांति एवं अमन का सन्देश देते नाटकों का मंचन किया। उल्लास उत्सव में बाल भवन जयपुर की सदस्य संस्थाओं के बच्चों ने गुरुदेव रबिन्द्र नाथ टेगोर की 150 वे जयंती वर्ष में गुरुदेव के लिखे नाटक और कहानियों पर आधारित लघु नाटकों जिनमे काबुलीवाला, डाकघर, दानवीर दो कोडी, भिखारिन, होली सहित छुट्टी का मंचन कर अपनी अभिनय कला का प्रदर्शन किया। रंगमंच से जुड़े वरिष्ठ रंगकर्मी श्री रणबीर सिंह, श्री बेनी प्रसाद जी शर्मा, तमाशा शैली के कलाकार श्री दिलीप भट्ट के साथ बाल भवन जयपुर के बोर्ड मेम्बेर्स ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

National Children Assambly - 2011


चाचा नेहरु के जन्मोत्सव पर "चाचा नेहरु और बड़ा मजा" कार्यक्रम ............
बच्चों के प्यारे चाचा नेहरु के जन्मदिवस पर रास्ट्रीय बाल भवन नई दिल्ली में 14 से 20 नवम्बर तक राष्ट्रीय बाल सभा एवं एकीकरन शिविर आयोजित किया गया। शिविर का विषय रखा गया "चाचा नेहरु और बड़ा मजा"। इस बाल संसद में बाल भवन जयपुर के 4 बच्चों ने भाग लिया। जहा विभिन्न कार्यशालाओं में बच्चों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस बड़ा मजा संसद में बाल भवन जयपुर द्वारा संचालित सारस बाल केंद्र के नितिन सिंह शेखावत, अभिषेक सिंह तोम्बर, सुश्री ज्योति जांगिड व सुरुचि जांगिड के साथ बाल भवन जयपुर के कार्यक्रम अधिकारी श्री राकेश व्यास ने भाग लिया।

Wednesday, January 4, 2012

Poster Making Workshop on Road Safety



सड़क सुरक्षा पर पोस्टर मेकिंग कार्यशाला ......
बच्चों को सड़क पर चलने के नियमों से अवगत करवाने के लिए बाल भवन जयपुर द्वारा सदस्य संस्थाओं के बच्चों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 9 नवम्बर, 2011 को किया गया। जिसमे रचनात्मक खेलों, चित्र एवं पोस्टर बनाकर सड़क पर चलने का सन्देश बच्चों द्वारा दिया गया। कार्यशाला में 18 स्कूलों के 200 से अधिक बच्चों ने भाग लिया।

6th Balsena Trophy-2011 (Athletics Tournament)



एथलेटिक्स में उभरती प्रतिभाओं ने ट्रेक पर दिखाया अपना दमखम....
बाल भवन जयपुर द्वारा छठी बाल सेना ट्राफी सब जूनियर एवं जूनियर समूह के एथलेटिक्स टूर्नामेंट में बच्चों ने अपनी रफ़्तार का दमखम दिखाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 2 व 3 नवम्बर, 2011 भारतीय सेना, राजस्थान पुलिस अकादमी एवं संतोकबा दुर्लभ जी मेमोरिअल होस्पिटल के सहयोग से आयोजित 100 मीटर, 200 मीटर, 100x4 मीटर रिले दौड़ एवं लॉन्ग जम्प में खेल प्रतियोगिताए संपन्न।
दो चरणों में आयोजित होने वाले बाल सेना ट्राफी का शुभारम्भ पूर्व बास्केट बाल ओल्म्पियन खिलाडी सरदार बलदेव सिंह जी किया।
राजस्थान पुलिस अकादमी परिसर स्थित सपोर्ट ग्राउन्ड में आयोजित एथलेटिक्स खेल प्रतियोगिता में बाल भवन जयपुर की सदस्य संस्थाओं के ३०० से अधिक छात्र - छात्रों ने भाग लिया।

जेल में जले दिवाली के दीपक


जेल में झलकी दिवाली की खुशियाँ.........
"हम भी किसी की ख़ुशी में दीपक की तरह प्रकाश देकर उनकी खुशियों में शामिल हो यही हमारी सच्ची अरदास इन महान पर्वों की मूल भावना होंगी।" को रेखांकित करते बाल भवन जयपुर के बच्चों ने धनतेरस की शाम 24 अक्टुम्बर, 2011 सेंट्रल जेल की महिला शाखा में उन बच्चों के साथ दिवाली की खुशियाँ बांटी जो बिना किसी कसूर के अपना बचपन चार दिवारी के भीतर बिता रहे हे।
बाल भवन जयपुर द्वारा गत दस वर्षों से जेल परिसर में दीपकोत्सव मनाते हे। बच्चों ने जेल परिसर में रह रहे बच्चों से साथ हास्य से भरपूर रचनात्मक खेल खेले, नाटक छुट्टी का मंचन किया, रंग-बिरंगे रंगों से मांडने बनाकर दिवाली पर्व की महत्वता को जानने का प्रयास किया। बच्चों ने दिए जलाए फुलझड़िया एवं अनारों की आतिशबाजी ने वातावरण को रोशन कर दिया साथ ही यहाँ रहने वाले बच्चों के चेहरों को खिलखिलाहट से भर दिया, जो बाहर खुल आसमान में उड़ना चाहते हे....

Theatre Workshop - नाट्य कार्यशाला



रंगमंच की दुनिया से रूबरू हुए बच्चे....
नाट्य कला न केवल बच्चों में आत्मविश्वास की भावना पैदा करती हे अपितु उनमे समाज में सही एवं गलत क्या होती हे सिखने का, जानने का मौका मिलता हे। बच्चों में छिपे रंगमंच प्रतिभा को मौका देने के लिए बाल भवन जयपुर द्वारा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के सहयोग से एक माह की बाल नाट्य कार्यशाला का आयोजन 12 अक्टुम्बर 11 नवम्बर, 2011 से तक किया गया।

बच्चों को रंगमंच की दुनिया से अवगत करवाते हुए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के वरिष्ठ रंगकर्मी श्री अखिलेश खन्ना ने बच्चों को नाटक करने की विधाओं जिसमे आंगिक - वाचिक, कॉस्टयूम, बेक स्टेज डीजाईंन, मेकप, लाईट साउंड, संगीत की जानकारी दी। इस थियेटर कार्यशाला में राजकीय विद्यालयों, एवं निम्न वर्ग के बच्चों को रंगमंच से रूबरू करवाना हे।

Dandiya Night


डंडिया उत्सव
बाल भवन जयपुर में 5 अक्टुबर 2011 की शाम डंडिया उत्सव का आयोजन किया किया गया जिसमे बाल भवन के अलावा सम्बद्ध सारस बाल केंद्र गोडावण बाल केन्द्रों के बच्चों ने पारम्परिक परिधानों में भाग लिया