


कार्यशाला में बच्चों को क्यों, कैसे ? के विचार को रेखांकित करके किसी भी कार्य के पीछे छिपे साइंस को खोजने का प्रयास करना और अपनी सर्जनशीलता कि और प्रेरित किया गया। बच्चों को ग्रुप में बांटकर टास्क दी गयी। टास्क को बच्चों को किताबी ज्ञान के बजाय अपने नियमों से समझना था। इसमें बच्चों ने जहाँ अपनी सोच का प्रयोग किया तो विशेषग्य दिल्ली के विज्ञानवेत्ता श्री सौम्य दत्ता ने प्रयोगों के माध्यम से किसी वैज्ञानिक तत्व वस्तु कि उपयोगिता, प्रकृति, कठोरता, तरलता के आधार को वर्गीकृत कर उनके बारे में विस्तृत एवं प्रयोगात्मक जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को साइंस को पड़ते समय अपनी सोच के फन को विकसित करने पर जोर दिया।
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